Shayri ki Dayri

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Note:-
“यहाँ आपको हर प्रकार की एक Shayri ki Dayri  हिंदी में मिल जाएगी ! जो की बिलकुल नई हैं और इसी वेबसाइट से published हैं,यहाँ की सारी  शायरी की डायरी किसी भी वेबसाइट से कॉपी नहीं की गयी हैं, यहाँ की सारी Shayri ki Dayri इस वेबसाइट के admin के द्वारा ही लिखी गयी हैं,भावना का मेल खाना बस एक संजोग हैं,”

Shayri ki Dayri

Shayri ki Dayri

  • उम्मीदें  तो काफ़ी हैं, खुद से मगर.. समझ नहीं आता की तक़दीर को क्या पसंद हैं मेरे लिए !
  • ख़ुदा ने कुछ खाश ही लिख रखा होगा ज़नाब,वर्ना कौन परीक्षा लेते हैं इतनी !
  • उम्मीद क्या करे उनसे भला जिन्होंने कभी उम्मीद की कोई वजह ही न दि हो जिन्दगी में !
  • हर लव्जो में उसे याद करते हैं,उसे पता ही नहीं हैं की हम उससे मोहब्बत बेशुमार करते हैं !
  • वो कहते हैं कुछ खास ही लिखा होगा ख़ुदा ने तुम्हारे लिए,और भूल गए की शायद किसी के भी दिल के पास नहीं लिखा होगा ख़ुदा ने तुम्हारे लिए !
  • वक्त भी अजीब होती हैं,ख़ुद के साथ लोगों को ही बदल कर रख देती हैं !
  • मोहब्बत थी उससे माना मगर उसे तो किसी और से थी,दिल को भला बताओ कैसे हैं समझाना !
  • उम्मीद क्या करे उस ख़ुदा से,जिसे फुर्सत ही नहीं हैं कभी हमारे बारे में भी सोचने की !
  • जुर्रत नहीं हैं ज़नाब की हम आपसे जुवा लड़ाए,इसलिए तो अक्सर खामोश ही नज़र आतें हैं आपके सामने !
  • सच क्या कहे आपके सामने,क्योंकि आपको तो कभी सच सुनने की आदत ही नहीं है !

Shayri ki dayri in hindi

  • वक्त बदलता ज़रूर हैं मगर कब ये पता ही नहीं हैं किसी को !
  • टूटे दिल को भला कौन समझाएगा,की जो चला गया अब वो लौट कर नहीं आयेगा !
  • वक्त बहुत ही बेमान हैं,कभी खुशियाँ छीन लेता हैं तो कभी गम बढ़ा देता हैं ज़नाब !
  • हौसला रख,वक्त भी तेरे सामने ज़रूर झुक जाएगा,तेरी औकाद लोगों के सामने ये वक्त ही बताएगा !
  • रास्तें कई हैं मुसाफ़िर,बस मंजिल की तलाश रख,मंजिल भी मिलेगी, बस खुद से ये आस रख !
  • सब्र किस बात का करू ज़नाब,घर में तो न जाने अपनों ने ही आग कबसे लगा कर बेठे हैं !
  • वो दूर हैं तो अच्छा हैं ,इसी वजह से तो वो अपना आज भी दिल का सच्चा हैं !
  • गम हैं तो छुपा कर रख,अगर शंका हैं तो उसे भी बता के रख !
  • एक टूटे हुए दिल को भला क्या चाहिए,मोहब्बत तो नाचीज हैं फिर बता तो सही तुझे इसके अलावा क्या चाहिए !
  • वक्त वक्त की बात हैं ज़नाब,इंतजार तो कर..हाथों में अपना वक्त फिर क्या जवाब हैं ज़नाब !
  • वो कहते हैं,मोहब्बत हैं,मगर किससे.. उन्होंने तो ये कभी बताया ही नहीं हमें !

Shayri ki dayri love

  • हर अलफ़ाजो में,उसका नाम रहता हैं,और उसे पता नहीं की उसके लिए मोहब्बत बेशुमार रहता हैं !
  • इस जालिम दुनिया को क्या बताए ज़नाब,ये तो आज भी नक़ाब के पीछे लोगों को ही पसंद करती हैं !
  • उन्हें पता नहीं शायद हम उसूलों के पक्के हैं,वो हमारी असलियत देख कर आज भी भौच्चक्के हैं !
  • वक्त हैं अपना, इसीलिए लोगों को नाराजगी हैं,वर्ना बुरे वक्त में तो देखना, लोगों के दिल में कितनी सादगी हैं !
  • अफवाओ का क्या करे ज़नाब,वो तो जिंदे को भी जीते जी मार देते हैं !
  • उनके लव्जो पर मेरा नाम हुआ करता था,जिनके लव्जो पर आज किसी और का ही नाम रहता हैं !
  • वक्त कितना बेमान होता हैं,जिस अपनों ने बड़े सिद्दत से पाला हैं अपनों को , उसी को अलग कर देता हैं !
  • उसे याद नहीं होगी हमारी,क्योंकि बीतें ज़माने जो हो गए हमारी यारी को !
  • ख्वाब भी बेहद अजीब होते हैं,सोते जागते बस हर पल यही होते हैं !
  • हमने तो ज़माने को ही बदनाम कर रखा हैं,क्योंकि कुछ लोगों ने जो मोहब्बत की सरे आम कर रखा हैं !
  • उन्हें अब हमारी कोई याद नहीं,क्योंकि बीत गए जो हम भी उन समय के साथ !
  • कैसी कहानी हैं खुद्दारी और प्यार, जब बिच में फ़सा हो हमारा ही यार !
  • हर लम्हों को उनके नाम करते हैं,हम मोहब्बत उनसे बेशुमार करते हैं,और उन्हें तो पता ही नहीं की हम उनसे कितना प्यार करते हैं !

Shayri ki dayri sad

Shayri ki Dayri

  • दो पल की जिन्दगी हैं,कब बीत जाएगी पता भी नहीं चलेगा !
  • आज जो हैं कल वही छोड़ कर चला जाएगा..ये किसे पता हैं,की आखरी वक्त में एक अपना ही केबल साथ निभाएगा !
  • हम तो उसका इंतजार करते रहे,वही डरपोक थे,वर्ना हम तो खुले मोहल्ले में उनसे ही प्यार करते रहे !
  • हर वक्त सच सही नहीं होता,क्योंकि आज की दुनिया में सच कही नहीं होता !
  • वो जिद्दी हैं…… माना,मगर जो चला गया, वो लौट कर नहीं आयेगा जड़ा उसे भी कोई…. समझाना !
  • खामखा लोग हमें बदनाम करते हैं,हमने तो कभी सच भी नहीं कहा की मोहब्बत हैं उनसे,फिर क्यों इश्क के चक्कर में लोग हमारी ही मोहब्बत को सरे आम करते हैं,जब इश्क न सही तो न,मगर हमसे ही क्यों तकरार करते हैं,क्यों मेरी ही मोहब्बत को भरे बाज़ार में  नीलाम करते हैं !
  • इश्क़ की बातें बहुत करते हो,फिर क्यों अपने ही इश्क़ से बेहद डरते हो !
  • लाजमी हैं की मोहब्बत  नहीं,उसे क्या लगता भरी मेफ़िल में उसके लिए नहीं हैं मोहब्बत कही !
  • गुमनाम हु मगर बदनाम नहीं !
  • एक……….. बात हैं,जो छोड़ गयी न, आज भी चिपकी मेरे ही तस्वीर के……… साथ हैं !
  • हर लम्हों में उसका नाम रहता था,मोहब्बत भी उससे बेशुमार रहता था,पर उसे ही खबर नहीं थी मेरे बारे में,जिससे मुझे मोहब्बत का खुमार रहता था !

Dayri ki shayri

  • वो आज भी देखती हैं तो नजरे छुपा लेती हैं,सामने से तो नहीं, मगर छुप के शर्मा लेती हैं !
  • मोहब्बत गुनाह हैं तो गुनाह सही,पर तू ही बता की दिल से जो पसंद वो मिलती हैं क्या कही !
  • मैं तो लिख दूंगा उसके बारे में,मगर उस तक ही पहुच नहीं हैं मेरी !
  • एक बात हमेशा याद रखना मोहब्बत हैं नहीं अगर उसे तो..जाने देना,पर फिर पलट कभी उसे अपने जिन्दगी में…. न आने देना !
  • एक बात मेने सिखा हैं मोहब्बत से,तुम कितनी भी कर लो उसके लिए,मगर वो तुम्हे सिर्फ आवारा ही समझेगी,मोहब्बत  तो समझ न सकी,मगर तुम्हे गवारा ही समझेगी !
  • सच ही तो हैं,वो पहला ही तो प्यार था,बस उसे ही नहीं पता, जिससे मिलने का बेसब्री से इंतजार था !
  • पागल था माना उसके पीछे,मगर वो तो थी, न जाने कभी किसके पीछे !
  • एक दोस्त हैं जो आज भी मुझे डरपोक कहता हैं,क्योंकि दिल के राज बता न सका मोहब्बत को,इसीलिए वो आज भी मुझे ही डरपोक कहता हैं !
  • हम उसे आज भी याद करते रहे,और वो किसी और से ही इजहार करते हैं,हम ढूंढ रहे थे मोहब्बत उसमे,मगर वो किसी और ही प्यार करते रहे !
  • जी हाँ वो मोहब्बत हैं तो सही,मगर उन्हें खुद ,आज तक पता ही नहीं !
  • वो दो जिंदगियो से…….. खिलवार करते हैं,वो ऐसे लोग हैं जो टाइमपास के लिए……. प्यार करते हैं !

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