Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari

नजरो का नजारा था !
sala कहा चला गया वो पल,
जो न जाने कब से हमारा था,

 Dard Bhari Shayari


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बीत गयी बात
पर अब भी उसकी बात,
दिल से जाती ही नहीं,
और एक वो हैं,
जिसे शायद अब
मेरी फिक्र समझ आती नहीं,

 Dard Bhari Shayari


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उम्मीद क्या करे उस वफ़ा से,
जिसने न जाने कितने वादें किए हो,
साथ रहने का,
और सारे वादें रह गए सिर्फ,
कहने के,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari hindi

मेरा ख़ुवाब हुआ करती थी,
वो तब तो मुझपर बहुत मरती थी,
रह गयी बीती बात वो !
की वो मुझसे कभी प्यार किया करती थी,

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Dard Bhari Shayari in hindi

मुश्कुरा तो लेता हु अब भी उसकी यादों में,
जब भी उसको ढूंढता हु,
उसके झूठे वादों में,

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Dard Bhari Shayari photo

हमें तो वफ़ा की आदत ही नहीं थी,
उसने तो बस जाते जाते इतना बोला था,
की अब बहुत हो गया !
भूल जाओ मुझे..
जिन्दगी में कोई और मिल जाएगी..

 Dard Bhari Shayari


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हम बेकार में उसका उम्र भर इंतजार करते रहे,
वो छोड़ कर कबका चली गयी हमें,
और एक हम थे जो उसी से प्यार करते रहे,

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Dard Bhari Shayari pic

हम उसे जीने की वजह मानते थे,
यही भर्म था,
की हम उसे अच्छे से जानते थे,

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Dard Bhari Shayari status

जाने दो जिसे जाना हैं,
सबका अलग अलग ठिकाना हैं,
कौन सा उनके साथ हमें,
घर बसाना हैं,

 Dard Bhari Shayari


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सच की तलाश में था मैं,
और उसने तो झूठा ही बना दिया,
हमने उसे बड़े सिद्दत से प्यार किया,
उन्होंने तो छोड़ कर हमें,
जीना ही सिखा दिया,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari

इश्क को वो बदनाम करने चले थे,
मोहब्बत जब करनी ही नहीं थी,
तो फिर क्यों जिन्दगी बर्बाद करने चले थे,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari image

उन्हें माना प्यार नहीं होगा हमसे,
पर दिल लगाने कौन बोला था
उन्हें हमसे,

 Dard Bhari Shayari


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वो बदनाम करते हैं हमें..
और कहते हैं प्यार करते हैं हमें,
वो इश्क ही क्या जो बदनाम न हो,
फिर वो कैसा प्यार करते हैं हमें,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari hindi

इंतजार था..खुमार था
सच कहू तो..
उससे बड़े सिद्दत से प्यार था,
जिसके कारण आज भी दिल
बीमार था,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari in hindi

वो छोड़ गयी तो अच्छा हैं..
अब उसे भी पता चलेगा,
की उसका दिल, कितना दिल सच्चा हैं,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari (2)

हर लम्हे उसे याद करते रहे,
और वो दगावाज,
हमसे ज्यादा किसी और से ही
प्यार करते रहे,

 Dard Bhari Shayari


एक उसकी यादें हैं जो कभी जाती ही नहीं,
और एक वो हैं..
जो कभी नजर आती ही नहीं,

 Dard Bhari Shayari


जिन्दगी की क्या बात करे..
वो साथ थी तो मुश्कुराते रहते थे,
अब उसके जाने के बाद..
उसकी झूठे वायदों पर मुश्कुराते रहते हैं,

 Dard Bhari Shayari


तम्मना थी उसे पाने का
खोने का गम न था,
आखे क्यों नम करे उसके जाने के बाद,
जब रोने का मन न था,

 Dard Bhari Shayari


मोहब्बत का खुमार हुआ करता था,
उससे बेहद प्यार हुआ करता था,
न उसे कद्र थी मेरी,
बस दोस्तों में चर्चा हज़ार हुआ करता था,
और वो कहती हैं अब!
कभी उसे भी किसी से सच्चा प्यार हुआ करता था,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari (3)

तनहा अकेले छोड़ गयी,
मोहब्बत थी उसे,
फिर क्यों मुह मोड़ गयी,
कितना सम्हला हुआ तो दिल था मेरा,
और उसने उसे बड़े प्यार से तोड़ गयी,

 Dard Bhari Shayari


इश्क था तो बदनाम क्यों कर रही थी,
मोहब्बत को सरे आम नीलाम क्यों कर रही थी,

 Dard Bhari Shayari


तम्मना था उसे पाने की,
अपना बनाने की,
वो भी मोहब्बत करती थी न मुझसे,
फिर क्यों जल्दी थी,
किसी और को मोहब्बत जताने की,
क्यों ज़िद थी उसे किसी और को अपना बनाने की,

 Dard Bhari Shayari


मोहब्बत को मोहब्बत समझाना भी कठिन हैं,
उसे समझ ही नहीं आता की,
मोहब्बत पर मुझे कितना यकीन हैं,

 Dard Bhari Shayari


वजह की तलाश में थे वो,
मोहब्बत की आश में थे वो,
न मोहब्बत मिली न अहमियत,
क्योंकि गलत आदमी की तलाश में थे वो,

 Dard Bhari Shayari


Dard Bhari Shayari (4)

दुनिया मतलबी हो या नहीं हमें क्या बताना हैं,
जिससे मोहब्बत थी वो मिल न सकी,
तो फिर ये दर्द क्या जताना हैं,

 Dard Bhari Shayari


हर लम्हे उसे याद किया करते थे,
एक हम पागल थे,
जो बेवफ़ा से प्यार किया करते थे,


जाने दो जिसे जाना हैं,
मोहब्बत का पता मालूम नहीं,
इसलिए तो पूछते हैं,
मोहब्बत का कहा ठिकाना हैं,


इश्क ने इश्क को बदनाम कर रखा हैं,
मोहब्बत पर अब यकीन नहीं हैं हमें,
न जाने कितनो ने मोहब्बत में,
हमें बदनाम कर रखा हैं,


हर लम्हा उसका इंतजार किया करते थे,
और वो कहती थी की हम डरते थे,
अरे उसे क्या मालूम,
की हम उससे कितना प्यार किया करते थे,


Dard Bhari Shayari (5)

उसकी तलाश की हमें तलाश बनने का सोख था,
पर मालूम नहीं था की..
उसके जाने के बाद हमें देवदास बनने का सोख था,


तम्मना थी पाने की,
खोने का तो डर ही नहीं था,
और एक वो थी जीसे किसी और की चाहत का,
सब्र ही नहीं था,


हम खो जातें थे उसकी बातों में,
जब जब दिल तोड़ा हैं उसने,
छुप कर रो जातें थे उसकी बातों में,


जिन्दगी वजह हैं जीने की,
तो जिन्दगी भी वो हुआ करती थी,
उसे मोहब्बत किसी और से..
बस यही अक्सर कहा करती थी,


कैसे भूल जाए उसे..
जिसे बेपनाह चाहते थे हम,
वो भूल गयी तो भूलने दो,
पर हमें तो याद हैं न,
की कितना चाहते थे हम,


जिन्दगी के हर लम्हों में उसे याद किया करता था,
हर पल उसका ही जिक्र,बेशुमार किया करता था,
और एक वो थी जिसे सिर्फ शक मुझपे,
की मैं किसी और से प्यार किया करता था,


कैसे अकेले रह पाएंगे हम उसके बिना,
अक्सर यही सोचा करते थे हम,
अब चली गयी तो यादें भी सारी मिट गयी हैं दोस्त,
अब बीती यादों को लेकर नहीं होता हैं गम,


जिन्दगी उसे मान बेठे थे,
वो जिन्दगी के लायक नहीं थी मेरी,
और एक हम थे,
जिसे जिन्दगी ही मान बेठे थे हम,


हर लम्हा उसके नाम हुआ करता था,
मोहब्बत बेशुमार हुआ करता था,
अब छोड़ गयी तो क्या हुआ,
उसके छोड़ जाने पर अब भी
उसी का इंतजार हुआ करता था,
उससे बेहद… प्यार हुआ करता था,


जिक्र जुवा पर उसकी चली आती हैं,
क्या यादें हैं जो आज भी,
खुद में बेहद रुलाती हैं,


Dard Bhari Shayari (6)

जिन्दगी तो कल भी हसीं थी
और आज भी हसीन हैं,
बस जीने का तरीका बदल गया,
जो न जाने कितना रंगीन हैं,


सब्र कर रहे थे उसकी मोहब्बत में,
और एक वो थी जिसे सब्र ही नहीं थी,
हमारी मोहब्बत की,


जिसे चाहो अक्सर वो दूर चला जाता हैं,
आज कल वो चाहने वाला,
कही नजर नहीं आता हैं,